What to Buy on Dhanteras 2024? Important Details and Best Timings
धनतेरस 2024 का महत्व
धनतेरस, जिसे धन त्रयोदशी भी कहते हैं, दीपावली से दो दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन धन के देवता कुबेर और आयुर्वेद के देवता धन्वंतरि की पूजा की जाती है। इस पर्व का मुख्य उद्देश्य समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति है।
दीपावली क्यों मनाते हैं?
दिवाली का ऐतिहासिक महत्व (Diwali 2024 Ka Mahatva Aur Katha)
दिवाली का इतिहास भगवान राम के अयोध्या लौटने से जुड़ा है। माना जाता है कि 14 वर्ष के वनवास के बाद जब भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण अयोध्या लौटे थे, तो उनके स्वागत के लिए पूरी नगरी दीपों से सजाई गई थी।आध्यात्मिक महत्वदीपावली आत्मशुद्धि, ज्ञान का प्रकाश और अज्ञान का अंधकार दूर करने का प्रतीक है।
आध्यात्मिक महत्वदीपावली आत्मशुद्धि, ज्ञान का प्रकाश और अज्ञान का अंधकार दूर करने का प्रतीक है।
धनतेरस 2024: शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Dhanteras 2024 शुभ मुहूर्त
- पूजा का शुभ समय: शाम 7:00 बजे से रात 8:30 बजे तक
- सोना खरीदने का समय: शाम 6:00 बजे से रात 8:00 बजे तक
Dhanteras 2024 पूजा विधि
- सबसे पहले घर के मुख्य दरवाजे और पूजा स्थल को स्वच्छ करें।
- देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की मूर्तियों को फूलों से सजाएं।
- दीप जलाएं और लक्ष्मी-कुबेर के नाम से मंत्रों का जाप करें।
2024 में धनतेरस और दीपावली कब है?
- धनतेरस की तिथि: 28 अक्टूबर 2024 (Dhanteras 2024)
- दीपावली की तिथि: 30 अक्टूबर 2024 (Deepawali 2024)
दीपावली, या रोशनी का त्योहार, अंधकार से प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। धनतेरस और दीपावली दोनों त्योहार घर-परिवार में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए 2024 में?
- धनतेरस 4 पर सोना, चांदी, बर्तन, और नए वस्त्र खरीदना शुभ माना जाता है।
- इस दिन घर के लिए धातु से बने सजावटी सामान और मिट्टी के दीपक भी खरीदे जा सकते हैं।
- धनतेरस पर किस प्रकार की खरीदारी से समृद्धि आती है – विशेष रूप से सोना और चांदी की वस्तुएं घर में सकारात्मकता और संपन्नता लाती हैं।